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सितारों की धूल

आपके आस पास की सभी वस्तुएं, आपका खाना, आपका घर, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और आप और हम भी, सितारों की धूल हैं। विश्वास नहीं होता न? यह एक काव्यात्मक अतिश्योक्ति जैसा भले ही लगता हो, किन्तु यह सत्य है। दुनिया भर के वैज्ञानिक इस बात को मानते हैं। यदि आप भी जानना चाहते हैं कैसे, तो हमें समय के पहिये को पीछे ले जाकर ब्रह्माण्ड की शुरुआत में जाना होगा। आइये आपको अरबों वर्षों की इस यात्रा की एक झलक दिखाएं।  वैज्ञानिक मानते हैं कि आज से लगभग 13.8 अरब वर्ष पूर्व, बिग-बैंग से, हमारे ब्रह्माण्ड का सृजन हुआ। शुरूआती ब्रह्माण्ड बहुत ही सघन और गर्म था। उसी में समूचे अंतरिक्ष, ऊर्जा, तत्व, पदार्थ और यहाँ तक कि समय की भी उत्पति हुई। शुरूआती ब्रह्माण्ड में तत्त्व (जिन्हें हम जानते हैं) नहीं थे। उसमें केवल उप-परमाण्विक कण (subatomic particles) जैसे क्वार्क्स, इलेक्ट्रॉन आदि ही थे। कुछ समय बाद हल्के तत्वों, जैसे हाइड्रोजन की उत्पति हुई। करोड़ों वर्षों के अंतराल में यह हाइड्रोजन के बादल, सघन होकर और गुरुत्वाकर्षण के कारण, शुरूआती तारों का रूप लेने लगे। जैसे-जैसे इन बादलों की सघनता बढ़ती गयी, अतिशय ताप और दाब...